Archive for the 'Ghazal' Category

25
मार्च
10

इश्क

आओ इक खेल इश्क का सिखा दें तुमको
तुम अपना दिल दो हम वफा दें तुमको
कोई यहां मरता नहीं किसी के बिना
कैसे जीतें हैं हम ये बता दें तुमको
ढूंढते फिरते हो तुम जिनको ख़्वाबों में
आओ उन्हीं खुशियों का पता दें तुमको
बहुत कर ली कोशिश तुम्हें भुलाने की
तुम ही बताओ कैसे भुला दें तुमको
होती है दुश्मन दुनिया तो होने दो
हम हर हाल में मिलेंगें जता दें तुमको
खेलो जो बाजी प्यार की हमारे साथ में
खुद हार जायें और जिता दें तुमको

15
मार्च
10

अक्स

इक अक्स सा अक्सर जेहन में उभर जाता है
फुल खिलते हैं और गुलशन संवर जाता है
दास्तानें-मोहब्बत क्या कहें बस नाम उनका है
जो दिल से उठता है जुबां पर ठहर जाता है
एक बस उसका चेहरा बस गया है निगाहों में
वरना तो मंजर आता है और गुज़र जाता है
जिसको पाने के लिये मचल उठा था दिल
उसको खो देने के ख़्यालों से सहर जाता है
कितना भी संभालों ख़्वाब तो ख़्वाब ही है
आँख खुलती है और टूटकर बिखर जाता है
जाना कहां है ये तो हम भी नहीं जानते
चल पड़ते हैं दिल ले के जिधर जाता है

09
मार्च
10

चिलमन

चिलमन से छुप के देखते हो, पर्दा हटा क्यों नहीं देते
बादलों में छुपा रखा है जो, चांद दिखा क्यों नहीं देते

संगदिल कह्ते हो हमें, चलो ये भी मान लेते है
प्यार कहते है जिसे, तुम ही सिखा क्यों नहीं देते

चिलमन गेसुओं की भी, रोक लेती है निगाहों को
बिखरे हुये है जो रूख़सार पे, इन्हें हटा क्यों नहीं देते

बेवफ़ा का इल्ज़ाम भी दिया, और उस पर भी ये सितम
हमसे कहते हो, अपनी वफ़ा का सिला क्यों नहीं देते

कब तक रख पाओगे, खुद को दुर हमसे देखेंगे
आखि़र दिल को, इस दिल से मिला क्यों नहीं देते

नहीं जायेंगें कभी मैख़ाने, ये वादा कर तो लिया है
आप अपने रिंद को, निगाहों से पिला क्यों नहीं देते




Calendar

जुलाई 2017
सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि रवि
« अप्रैल    
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  

श्रेणी

Archives

Blog Stats

  • 12,238 hits
free counters
चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी
रफ़्तार
The Representative Voice of Hindi Blogs

ओम सोनी