15
मार्च
10

प्यार

खुदा का बनाया हुआ सबसे खूबसूरत जज़्बा। दो दिलों के बीच सबसे मजबूत बंधन का नाम है प्यार। बिना प्यार के जिंदगी कोई मायने नहीं रखती। चाहे वो माँ-बेटे का प्यार हो, भाई-बहन का, दोस्तों का, पति-पत्नी का या प्रेमी-प्रेमिका का। बिना प्यार के दुनिया की कल्पना करना भी मुश्किल लगता है। शायद इसीलिये हमारे धर्मग्रंथों में भी प्यार की ही महिमा है और भगवान ने भी अवतार लेकर प्यार के आदर्श प्रस्तुत किये हैं। किसी ने कहा भी है-

चाहे गीता बांचिये या पढ़िये कुरआन
मेरा तेरा प्यार ही हर पुस्तक का ज्ञान

प्यार एक ऎसा अहसास है जिस पर या तो बहुत कुछ लिखा जा सकता है या शायद कुछ भी नहीं। इसमें आप जितना गहरे उतरते हैं उतना ही इसको समझने लगते हैं। यही एक ऎसा अहसास है जिसे हर कोई समझ लेता है, चाहे वह इंसान हो या जानवर। प्यार को व्यक्त करने के लिये आपको किसी भाषा की जरूरत नहीं होती, ये तो आपकी निगाहें ही बयां कर देती है।

प्यार उन्मुक्त होता है, ये किसी बंधन या शर्त को स्वीकार नहीं करता। प्यार में बंधन की कोई जगह नहीं होती। यदि आप किसी से प्यार करते हैं तो वो जो है, जैसा है उससे प्यार करते हैं। अगर आप उसे बदल कर प्यार करना चाहते हैं तो फिर ये प्यार हो ही नहीं सकता। प्यार यह नहीं है कि आप चाहतें हैं वो हमेशा आपके साथ रहे, प्यार तो यह है कि वो जहां भी रहे खुश रहे। क्योंकि प्यार सिर्फ देना जानता है, लेना नहीं।

सबसे ज्यादा जिस प्यार की चर्चा होती है वह है, प्रेमी-प्रेमिका का प्यार। और हो भी क्यों ना इतना खूबसूरत अहसास और कहां मिलेगा। एक-दूसरे को देखकर चेहरे पर रौनक आ जाना, दिल की धड़कन बढ़ जाना, मिलने के लिए तड़पना, रुठना-मनाना।

नज़र मुझसे मिलाती हो तो तुम शरमा सी जाती हो
इसी को प्यार कहते हैं, इसी को प्यार कहते हैं।

कहतें हैं कोई सब कुछ भूल सकता है पर अपना पहला प्यार नहीं भुला सकता।

भूले से भी नहीं भुलेंगें वो बीते ज़माने
वो रेशमी लम्हें वो मोहब्बत के फसानें

प्यार में ही इतनी ताकत है कि वो शैतान को भी इंसान बना सकता है। अगर दिलों में प्यार कायम हो जाये तो नफ़रत के लिये कहीं कोई जगह ही नहीं बचेगी। और दुनिया में जितनी समस्यायें हैं सब खत्म हो जायेगी। पता नहीं क्यों लोग आपस में प्यार से क्यों नहीं रह सकते। लड़ते-झगड़्ते क्यों रहतें हैं? आप प्यार किसी एक से करतें हैं और आपको सारी दुनिया प्यारी लगने लग जाती हैं। दुनिया में ऎसी कोई समस्या नहीं है जिसका हल प्यार से नहीं हो सकता हो। प्यार सच्चा या झूठा नहीं होता, प्यार थोड़ा या ज्यादा नहीं होता। प्यार सिर्फ़ प्यार होता है और कुछ नहीं। और इससे पवित्र अहसास दूसरा नहीं हो सकता। इसीलिये तो भगवान भी सिर्फ़ प्यार के ही भूखे होते हैं।

हमनें देखी हैं उन आँखों की महकती खूशबू
हाथ से छूकर इसे रिश्तों का इल्जाम न दो
एक अहसास है ये रूह से महसूस करो
प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम न दो

अगर आप किसी से प्यार करते हैं तो हिचकिये मत। अपने प्यार को उस पर जाहिर कीजिये। याद रखिये आप कोई गुनाह नहीं कर रहें हैं, जो सबसे छुपाये। बस एक गुज़ारिश है, प्यार करें खिलवाड़ नहीं। प्यार को बदनाम करने वाले भी बहुत से लोग है दुनिया में। लेकिन प्यार वो शमा है तो हमेशा से जलती रही है। ये ना कभी बुझी है और ना कभी बुझेगी।

जब आँचल रात का लहराये
और सारा आलम सो जाये
तुम मुझसे मिलने शमा जलाकर
ताज़महल में आ जाना।

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5 Responses to “प्यार”


  1. मार्च 16, 2010 को 7:11 पूर्वाह्न

    जब आँचल रात का लहराये
    और सारा आलम सो जाये
    तुम मुझसे मिलने शमा जलाकर
    ताज़महल में आ जाना।

    -अच्छा लगा आलेख पढ़कर.

  2. 4 PIYUSH
    अक्टूबर 23, 2010 को 3:33 अपराह्न

    MAI EK LADKI SE BAHUT PYAR KARTA HU MAI ISLIYE PYAR NAI KARTA HU KI O MUJHE MIL HI JAYE OR MUJHE YE V NAI PTA H KI O MUJHSE PYAR KARTI V H YA NAI LEKEN MAI USE BAHUT PYAR KARTA HU OR MAI USPE KOI FORSE NAI DENA CHAHTA HU KI O MUJSE HI PYAR KARE KYON KI O APNE DIL KI MALIK KHUD H PYAR JABARDASTI NAI HOTA H KHI AESA V HO SAKTA H MAI JIS LADKI SE PYAR KARTA HU O MUJHSE NA KARTI HO YA FIR O KISI OR KO LIKE KARTI HO LEKIN AESE HI KISI KO KUCH NAI KAHA JA SAKTA H HA MAI BAS ITNA JANTA HU KI MAI USSE PYAR KARTA HU TO KARTA HU MAI YE NAI CHAHTA HU KI MERE CHALTE USKO KOI DIKKAT HO YA USE KUCH PROB. HO MAI BS USKO KHUS DEKHNA CHAHTA HU


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